सीख

sudha bhardwaj

रचनाकार- sudha bhardwaj

विधा- कविता

सीख:
झुकी फलो की डाली ने सिखाया।
तुझमे इतना गुरूर कहाँ से आया।
बना खुद को शालीन- प्रवीण।।
जिससे होगा तू विकसित सर्वांगीण।
गुणों से इसां स्वतः झुक जाता है।।
तभी तो तूफानों का सामना कर पाता है।
ठीक यूंही घास का एक तिनका…
तूफानो से टकराता है पर सीधा खड़ा दरख़्त
कट कर गिर जाता है।।।

विनम्र बनें !

सुधा भारद्वाज
विकासनगर

Views 28
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
sudha bhardwaj
Posts 58
Total Views 758

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia