सीख

sudha bhardwaj

रचनाकार- sudha bhardwaj

विधा- कविता

सीख:
झुकी फलो की डाली ने सिखाया।
तुझमे इतना गुरूर कहाँ से आया।
बना खुद को शालीन- प्रवीण।।
जिससे होगा तू विकसित सर्वांगीण।
गुणों से इसां स्वतः झुक जाता है।।
तभी तो तूफानों का सामना कर पाता है।
ठीक यूंही घास का एक तिनका…
तूफानो से टकराता है पर सीधा खड़ा दरख़्त
कट कर गिर जाता है।।।

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सुधा भारद्वाज
विकासनगर

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