सिसकीया लेकर मत रोने देना।

राजेन्द्र कुशवाहा

रचनाकार- राजेन्द्र कुशवाहा

विधा- कविता

अकेला कभी मत होने देना ।
सिसकीया लेकर मत रोने देना ।

टुटकर कहीं बिखर न जाऊ,
दुश्मनो के हाथों कभी मत होने देना।

खुद की तस्वीर भी धुधली लगने लगती हैं,
कभी आँखो मे आंसूओ को मत आने देना।

रह जायेगे किताब मे मेरे अल्फाज सिमटकर,
दुनिया की भीङ मे मुझे मत खोने देना।

सुना है तेरी महफिल गालिबो से भरी है,
आ गया मै भी खाली मुझे मत जाने देना।

चाहता है राजेन्द्र फलक पर नाम लिख आये,
शुलगते शोलो को मत सोने देना।

राजेन्द्र कुशवाहा

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राजेन्द्र कुशवाहा
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DOB - 12/07/1996 पता - मो.पो. - चीचली, जिला - नरसिंहपुर, तहसील - गाडरवारा, म. प्र. मोबाइल न. 7389035257 करना वहीं राजेन्द्र जो दुनिया को दिखाई दे। स्वरो को करना बुलंद इतने की लाखों मे सुनाई दे।

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