सिचवेशन कविता

guru saxena

रचनाकार- guru saxena

विधा- कविता

वर्षा की फुहार :-सिचुवेशन-:
एक नायिका बारिश में भीग रही है उसे देखकर देश के चर्चित कवियों की काव्य मय अभिव्यक्ति क्या होगी मैंने लिखते हुए कविता का आनंद लिया आप पढ़ते हुए लीजिये।
आज के कवि हैं विश्व विख्यात कवि श्री सुरेन्द्र शर्मा जी☆☆☆

वर्षा की फुहार
शर्मा जी या बावली क्यूँ सड़क पे भीग री है।
थें थांकी छतरी सूं इने भीगण से बचाल्यो।
कम से कम एक धरम को काम करके थोडो घणो पुण्य थें भी कमाल्यो।
शर्मा जी बोल्या रे सक्सेना क्यूँ छन्द छोड़ के छल छन्द में फस्या रियो है।
जबर जस्ती कीचड़ में धस्या रियो है।
फट्या में पग म्हारो फंसवा के ग़च्चो खिलवावेगों।
वा जकड़ लेगी तो फेर मन्ने कुण बचाबेगो।

गुरू सक्सेना, नरसिंहपुर

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