‘साहित्यपीडिया’ का कहर !

Neeraj Chauhan

रचनाकार- Neeraj Chauhan

विधा- कविता

बदस्तूर जारी हैं साहित्यपीडिया का कहर,

इस कदर
की कल तक जो कवितायेँ रद्दी की टोकरी
की शोभा बढ़ाती थी ,
या कुछ अनभिज्ञों द्वारा हंसी की पात्र
हो जाती थी,

अब इन्टरनेट की दुनिया में
लाखों आँखों के सामने
अपनी वाहवाही बटोरती हैं

जो भी इस पर आता हैं
बच्चा नहीं हैं ,
बूढ़ा नहीं हैं ,
जवान नही हैं ,
आदमी नही हैं
औरत नहीं हैं ,
कोई धर्म नही हैं ,
जाति नही हैं,

है तो सिर्फ एक 'कवि'

जहा सिर्फ प्रेम हैं ,
उत्साह हैं
प्रसिद्धी हैं
सम्मान हैं

लेशमात्र भी नहीं हैं जहा नफरत का जहर
बदस्तूर जारी हैं साहित्यपीडिया का कहर..

– नीरज चौहान

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Neeraj Chauhan
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कॉर्पोरेट और हिंदी की जगज़ाहिर लड़ाई में एक छुपा हुआ लेखक हूँ। माँ हिंदी के प्रति मेरी गहरी निष्ठा हैं। जिसे आजीवन मैं निभाना चाहता हूँ।

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3 comments
  1. आदरणीय नीरज जी,
    साहित्यपीडिया पर लिखी आपकी इस बेहद सुन्दर रचना के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

    • सच्चे अर्थों में धन्यवाद का पात्र मैं नहीं, आप हैं। इतना पुण्य का काम आप कर रहे हैं।
      मैं ह्रदय से आभारी हूँ।