1-साहित्यकार बृजेश कुमार नायक का जीवन परिचय2- “जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए” चर्चित रचना 3-“तरुण वह जो भाल पर लिख दे विजय ” चर्चित मुक्तक

Brijesh Nayak

रचनाकार- Brijesh Nayak

विधा- अन्य

(1)
कोंच, जिला-जालौन उत्तर प्रदेश के बृजेश कुमार नायक साहित्य की लगभग सभी विधाओं के रचनाकार हैं| 8 मई 1961 को ग्राम कैथेरी, जिला जालौन,उत्तर प्रदेश में जन्मे रचनाकार बृजेश कुमार नायक की दो कृतियों का "जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" प्रकाशित हो चुकी हैं| पूर्व राज्य परियोजना कार्यालय नेहरू युवा केंद्र संगठन उत्तर प्रदेश, भारत सरकार के दिशा निर्देशन में ए. पी.ओ. तथा राज्य प्रशिक्षक सह प्रवर्तक पदों पर कार्य कर चुके रचनाकार श्री नायक ने विश्व प्रसिद्ध योगी सद्गुरु श्री श्री रविशंकर जी की संस्था व्यक्ति विकास केंद्र भारत के साथ जुड़कर "जीवन जीने की कला" भाग-1 कोर्स के टीचर के रूप में कार्य कर आध्यात्मिक अनुभवों को आत्मसात किया|
अनेक सम्मानों एवं उपाधियों से अलंकृत कवि बृजेश नायक की रचनाओं का आकाशवाणी से प्रसारण होता रहता है| आपकी रचनाएं अनेक राष्ट्रीय संकलनों एवं स्तरीय पत्र एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं| विश्व प्रसिद्धि योगी सद्गुरु श्री श्री रविशंकर जी के शिष्य बृजेश कुमार नायक साहित्य सृजन के साथ साथ साहित्यिक गतिविधियों में संलग्न है|
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संपर्क सूत्र
सुभाष नगर, कोंच
(केदारनाथ दुरवार स्कूल के पास )
तहसील कोंच, जिला जालौन,
उत्तर प्रदेश- 285205
WhatsApp -99 5692 8367
मोबाइल- 9455423376
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साहित्यकार बृजेश कुमार नायक की वर्ष 2016 में जे एम डी पब्लिकेशन नई दिल्ली से प्रकाशित कृति (खंड काव्य) "क्रौंच सुऋषि आलोक",
ISBN-978-93-82340-39-3
के कवर पृष्ठ से लिया गया ,साहित्यकार "बृजेश कुमार नायक" का परिचय

(2)
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बृजेश कुमार नायक की वर्ष 2013 में प्रकाशित
कृति "जागा हिंदुस्तान चाहिए" की "चर्चित रचना"
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जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए,जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए
मानव मन के मल को धोने वाला पावन ज्ञान चाहिए

गोदी में भूखा रोता है,भारत माँ का अंश विकल है
दीन-बिबस-बलहीन बंधुओं पर भारी शोषण औ छल है
गली-राजपथ-चौराहों पर लक्ष्यहीन नर भ्रमित भाल-सा
कैसे बोले राष्ट्र सबल जब चेतहीन मद-कंस प्रवल है
मार भगा दे जो दुर्गुणमय तिमिर,दीप-सा ध्यान चाहिए
जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए

सूर्पणखामय बृहत् विश्व से लक्षमण का स्वरूप ओझल है
काले कागरूपमय हिरदय की वाणी में भी कोयल है
इस युग की इन परिभाषाओं को बदलेगा कौन सोच लो ?
स्वयं जागकर बढो,विज्ञता बिन सारा जीवन निष्फल है
सुरभित जीवन हेतु चेत-बाणों का अब संधान चाहिए
जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए, जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए

जीवन लेकर आए हो तो मुक्ति हेतु ऋषि-ज्ञान धारिए
बंधन-अवनति चक्रव्यूह के तोड़ हेतु गुरुद्वार झाड़िए
भारतवर्ष प्रेम-संस्कृति का चेतनमय आनंदरूप धन
सहजरूप गह इसीलिए ,शुभ राष्ट्र-शीष को अब निहारिए
जागो प्यारे अब स्वदेश को द्वंद नहीं, मुस्कान चाहिए
जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए, जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए
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-उक्त रचना को फेस बुक पेज Brijesh Nayak की रचनाएं में भी पढा जा सकता है

-माननीय मुख्य मंत्री उ प्र श्री आदित्यनाथ योगी को भी उक्त रचना पंजीकृत पत्र दिंनांक- 31-03-2017 द्वारा "क्रौंच सुऋषि आलोक" कृति की एक प्रति सहित प्रेषित की जा चुकी है | पत्र मेरे फेसबुक पेज Brijesh Nayak की रचनाएं में पढा जा सकता है |

-उक्त रचना का काव्य पाठ आकाशवाणी छतरपुर से प्रसारित हो चुका है |

– उक्त रचना मेरी(बृजेश कुमार नायक की )2013 में जे एम डी पब्लिकेशन नई दिल्ली से प्रकाशित कृति "जागा हिंदुस्तान चाहिए" की रचना है |

जागा=जाग्रत

Brijesh Nayak
"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" कृतियों के प्रणेता

दिनांक-14-04-2017
……………………………(3)…………………………..
और अंत में,प्रकाशित कृति "जागा हिंदुस्तान चाहिए" का एक मुक्तक
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तरुण वह जो भाल पर लिख दे विजय|
शरम से आँखें झुकाता है प्रलय |
जाग, सद्नायक बने औ बना दे|
राष्ट्र-तम पर अरुण-आभा का निलय|

Brijesh Nayak

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Brijesh Nayak
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एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा Ex State trainer, ex SPO NYKS UP, Govt of India Ex Teacher AOL1course VVKI "जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक"कृतियाँ प्रकाशित साक्षात्कार, युद्धरत आम आदमी सहित देश के कई प्रतिष्ठित पत्र एवं पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेकों सम्मान एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित,नि.-सुभाष नगर, कोंच सम्पर्क 9455423376whatsaap9956928367
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