सावन मन भावन

Vindhya Prakash Mishra

रचनाकार- Vindhya Prakash Mishra

विधा- कविता

सुबह सुखद शीतल बेला मे
सुन्दर प्रकृति दिखे मनभावन
सजल गगन मे ऩभ आच्छादित
सब मिलते तो बनता सावन
सरसिज पूरित हुआ सरोवर
शिव की पूजा हो सुखदायक
शैशव बचपन चहके झूलो पर
सावन लगता है मनभावन विन्ध्यप्रकाश मिश्र

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Vindhya Prakash Mishra
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