साथ हमको कभी तो तुम्हारा मिले

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

साथ हमको कभी तो तुम्हारा मिले
ज़िन्दगी को जरा सा सहारा मिले

गर न लाये ज़माना ये तूफ़ान तो
प्यार की कश्तियों को किनारा मिले

यूँ लगे खेलते बच्चों को देखकर
काश बचपन हमें फिर दुबारा मिले

प्यार को प्यार दें वो जरुरी नहीं
पर जरा तो उधर से इशारा मिले

टूट जायेगी नफरत की दिवार खुद
दिल से दिल'अर्चना'गर हमारा मिले

डॉ अर्चना गुप्ता

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 63
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
Dr Archana Gupta
Posts 240
Total Views 14.8k
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
4 comments
  1. टूट दीवार नफ़रत की खुद जायेगी
    —————
    फिर कभी बात करेंगे इस मिसरे पर

  2. बचपना अगर दुबारा मिले
    अगर इशारा मिले
    बहुत लाज़वाब अंदाज़ में लिखी है ग़ज़ल
    बधाई