सात फेरे सात वचन…..

शालिनी साहू

रचनाकार- शालिनी साहू

विधा- कविता

जीवन के बन्धन मजबूत होते हैं
अग्नि के फेरों संग
सात फेरे सात वचन
बन जाते हैं ज़िन्दगी में अहम्
हाथ थाम एक-दूजे का
निभाते हैं साथ रहने की रशम
हर सुख हर दु:ख के साथी
हो गये अग्निफेरों के संग!
लाज रखना है रिश्ते की
इस बात की लेते हैं वो कसम
ताउम्र निभाते हैं वो सात फेरों
के सातों वचन!
समर्पित हर घड़ी एक-दूजे की
खुशी के लिए!
यही है खुशियों के कदम!
.
शालिनी साहू
ऊँचाहार, रायबरेली(उ0प्र0)

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शालिनी साहू
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