सवाल ????

Er Dev Anand

रचनाकार- Er Dev Anand

विधा- मुक्तक

हादसे तो हो रहे
हर रोज
तो क्या ?
घर से निकलना छोड़ दें !
वक्त बेवक्त
गम आते रहते हैं
तो क्या ?
मुस्कुराना छोड़ दें !
हर वर्ष
कहीं ना कहीं आते हैं
बाढ़,भूकंप और आपदा
तो क्या ?
घर नया बनाना छोड़ दें !
सीमा पर शहीद हो रहे
हमारे सैनिक हर वर्ष
तो क्या ?
आतंकवादियों पर गोली बरसाना छोड़ दें !
जला रहे हो तुम
मेरे भारत को
पंचकूला से
लेकर
हरियाणा को
तो क्या ?
खौफ से तुम्हारे
क्या हम "न्यू इंडिया का"
सपना छोड़ दे !

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Er Dev Anand
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दिमाग से इंजीनियर दिल से रचनाकार ! वस्तुतः मैं कोई रचनाकार नहीं हूँ, मैं एक इंजीनियर हूँ । मैं वही लिखता हूं जो मेरी आंखें देखती हैं और दिल समझता है उन्हें को कलम के सहारे में व्यक्त कर देता हूं पेज पर। बहुत ज्यादा साहित्यिक भाषा नहीं आती है। पर प्रयास रहता है ज्यादा से ज्यादा सीखने का ज्यादा से ज्यादा आपकी रचनाओं को पढ़ने का और समाज के लिए कुछ करने का।

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