सरस्वती वंदना

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'

रचनाकार- अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'

विधा- गीत

*सरस्वती वंदना*
सरस्वती माँ करें वंदना , हम तेरे ही बालक हैं।
दूर करो माँ वो अँधियारे, जो जीवन में बाधक हैं।

माँ निर्मल मति को कर देना, सदाचार अपनाऐं हम।
मधुर करो माँ वाणी ऐसी, सबका हिय हरषाऐं हम।
पाप कर्म से दूर करो माँ, हम तेरे आराधक है।
सरस्वती ……………………………………।।१।।

श्वेत वस्त्र है स्वर्णिम तन पर, कर में वीणा रखती हो।
सत्य स्वरूपी अंब शारदा, ज्ञान हृदय में भरती हो।
सतत ज्ञान आलोक करो माँ, हम विद्या के साधक हैं।
सरस्वती……………………………………..।।२।।

तुलसी, कालीदास, भारवी, सबने ही गुणगान किया।
कवियों ने कविता-रस पाने, तेरी ही माँ ध्यान किया।
'इषुप्रिय' उन दोषों को हर लो, जो चैतन्य विदारक हैं।
सरस्वती ……………………………………..।।३।।
————————————————————
इषुप्रिय शर्मा' अंकित'
रामपुर कलाँ, सबलगढ(म.प्र.)

Sponsored
Views 1,740
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
Posts 75
Total Views 3.2k
कार्य- अध्ययन (स्नातकोत्तर) पता- रामपुर कलाँ,सबलगढ, जिला- मुरैना(म.प्र.)/ पिनकोड-476229 मो-08827040078

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
One comment