समाज

Neelam Naveen

रचनाकार- Neelam Naveen "Neel"

विधा- कविता

एक दूसरे के पुरक
मानव व समाज
खोजते हैं आपस में
अच्छे लोग,अच्छे दिन
संस्कार एवं सभ्यतायें
सुंदर भारत समृद्ध गाॅव
साफ राजनीति बेदाग नेता
जबकि हर तरफ समाज पर
आरोप लगाता धर्म जाति
पाप पुण्य तेरा मेरा की बातों
में स्वयं रोटियां भी सेकता
तंज कसते मूक से मानव
कभी कभी तुम भुल जाते हो
थोडे से प्रयासों पर पूर्ण रूप
सहमत अधिकार माँगते हो
गलतियों के पुतले कैसे तुम
बस सिर्फ इंसाफ मागते हो
कहीं तुम कर्ता,कहीं वक्ता हो
सुनो!तुम कड़ी तुम समाज हो
इसके रचियता व रचनाकार हो
संभलो तुम इसके अंगी कार भी
नीलम पांडेय नील

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 26
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
Neelam Naveen
Posts 16
Total Views 1.2k
From Ranikhet Dist. Almora

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia