समय लगेगा !

Neeraj Chauhan

रचनाकार- Neeraj Chauhan

विधा- कविता

झुकेगा दम्भ, समय लगेगा,
हटेगा बंद , समय लगेगा
गिरूंगा आज, उठूंगा कल,
कटेगा फंद, समय लगेगा !

हारेगा खल, समय लगेगा
लताडुंगा छल, समय लगेगा
जो हंसते है आज कनखियों से,
पछाडूंगा कल, समय लगेगा।

‌- नीरज चौहान

Sponsored
Views 58
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Neeraj Chauhan
Posts 61
Total Views 7.6k
कॉर्पोरेट और हिंदी की जगज़ाहिर लड़ाई में एक छुपा हुआ लेखक हूँ। माँ हिंदी के प्रति मेरी गहरी निष्ठा हैं। जिसे आजीवन मैं निभाना चाहता हूँ।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia