समय का सदुपयोग करो।

Rishikant Rao

रचनाकार- Rishikant Rao

विधा- लेख

एक सेकेण्ड जो मौत से बचा हो।
एक मिनट जिनकी ट्रेन छूट गयी हो।
एक घंटे जो किसी का इंतज़ार किया हो।
एक दिन जो पीड़ा के मारे दर्द से कराह रह हो।
एक वर्ष जो अपना मूल्यवान ज़िन्दगी व्यर्थ कर दिया हो।

Views 3
Sponsored
Author
Rishikant Rao
Posts 2
Total Views 29
बड़ी खूबसूरत कटारी है तू, लगता है पाकिस्तान की अटारी है तू, गिरफ्तार हो जाऊँगा एक दिन ! ज़िंदगी के सफ़र की अच्छी सफारी है तू !
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia