सनम

Neelam Sharma

रचनाकार- Neelam Sharma

विधा- गीत

वल्गा- सनम

कहूं खुदा की इनायत या तक़दीर का करम हुआ।
ले तेरी चाहत,तेरी इबादत से आज तेरा सनम हुआ।
हकीकत है,सपना है या फिर मुझे ही भरम हुआ,
बता सच बात है क्या ये नीलम,अब मेरा सनम हुआ।
तेरी चाहत में ही मैं तो बहक उठती हूं सनम।
तेरे हर लफ्ज़ से फिजाएं महक उठती हैं सनम।
तेरी इक मुस्कान जिंदगी की लहर बनती है सनम।
छुअन भी तेरी फूलों की हथेली सी लगती है सनम
बस जिक्र से तेरे शहर गुलज़ार हो जाता है सनम।
तेरी हर अदाआफताब की सुनहरी किरण है सनम
तू खूबसूरत,करुणामई अमित तेरी आभा है सनम
करूं इबादत मैं तेरी, तू ही है काशी तू काबा सनम

नीलम शर्मा

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