+))) सतरंगी त्योहार हमारे (((+

Ranjana Mathur

रचनाकार- Ranjana Mathur

विधा- कविता

त्योहारों का देश है भारत
शांति का संदेश है भारत।
वसुधैव कुटुम्बकम का
जीता जागता परिवेश है भारत।

दीपावली के प्रज्वलित दीपक
करें प्रकाशित जन-जन को।
होली के रंगों की सुर्खी
करे प्रफुल्लित हर मन को ।

आई ईद मुबारक आई
हमने खाई खूब सेंवई।
मिल कर रहे सब भाई-भाई
एकता से ही सदा मजबूती आई।

रक्षा बन्धन आया है भाई
सूनी न रहे आज कोई कलाई।
आया दशहरे का त्योहार
रावण दहन करें आओ हर बार।

आ गये सांताक्लाज बांटने उपहार
आया आया देखो क्रिसमस का त्योहार।
सांता बच्चों को बांटे अपना प्यार
नन्हे-मुन्नों की टोली है तैयार।

विविध धर्मों के विभिन्न रंगों का
संतरंगी यह देश है न्यारा।
अनेकताओं में एकता से सजा
यह प्यारा भारत देश हमारा।

—रंजना माथुर दिनांक 30/09/2017
मेरी स्व रचित एवं मौलिक रचना
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Ranjana Mathur
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भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र "कायस्थ टुडे" एवं फेसबुक ग्रुप्स "विश्व हिंदी संस्थान कनाडा" एवं "प्रयास" में अनवरत लेखन कार्य। लघु कथा, कहानी, कविता, लेख, दोहे, गज़ल, वर्ण पिरामिड, हाइकू लेखन। "माँ शारदे की असीम अनुकम्पा से मेरे अंतर्मन में उठने वाले उदगारों की परिणति हैं मेरी ये कृतियाँ।" जय वीणा पाणि माता!!!

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