सच में लगा इंसान सा……

Dinesh Sharma

रचनाकार- Dinesh Sharma

विधा- कविता

एकांत में
चुपचाप सा
शांत सा
मगन में मगन
इंसान सा,
तल्लीन किसी लय में
ऊँगली से बजती चुटकी को
संगीत बना,
कुछ गुनगुना रहा था मन ही मन
दिल के शब्द,
जो उसके गीत बन गये
चुटकी की संगीत के साथ,
सकुन के पल थे वो
बेफिक्र सा चेहरा
सच में लगा इंसान सा
जो डूबा था अपने गीत में
अपने संगीत में,
न हार में, न जीत में
अपनी ही दुनियां में खो रहा था
सो रहा था चैन की नींद
कुछ पल ही सही,
इस दुनियां में
सच में लगा इंसान सा।

^^^^^^^दिनेश शर्मा^^^^^^^

Views 54
Sponsored
Author
Dinesh Sharma
Posts 44
Total Views 1.8k
सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज करना प्यारे दोस्तों। ऍम कॉम , व्यापार, निवास गंगा के चरणों मे हरिद्वार।।
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
One comment