सच में लगा इंसान सा……

Dinesh Sharma

रचनाकार- Dinesh Sharma

विधा- कविता

एकांत में
चुपचाप सा
शांत सा
मगन में मगन
इंसान सा,
तल्लीन किसी लय में
ऊँगली से बजती चुटकी को
संगीत बना,
कुछ गुनगुना रहा था मन ही मन
दिल के शब्द,
जो उसके गीत बन गये
चुटकी की संगीत के साथ,
सकुन के पल थे वो
बेफिक्र सा चेहरा
सच में लगा इंसान सा
जो डूबा था अपने गीत में
अपने संगीत में,
न हार में, न जीत में
अपनी ही दुनियां में खो रहा था
सो रहा था चैन की नींद
कुछ पल ही सही,
इस दुनियां में
सच में लगा इंसान सा।

^^^^^^^दिनेश शर्मा^^^^^^^

Views 60
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Dinesh Sharma
Posts 44
Total Views 2.3k
सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज करना प्यारे दोस्तों। ऍम कॉम , व्यापार, निवास गंगा के चरणों मे हरिद्वार।।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
One comment