संयोग मे योग करो श्रम को

Vindhya Prakash Mishra

रचनाकार- Vindhya Prakash Mishra

विधा- कविता

संयोग मे योग करो श्रम से
सारा दुख पल मे हरण होगा
कोशिश बस कोशिश बार बार
सफलता का इस तरह वरण होगा
केवल खाकर सोने वाले
जीवन है मानो तो इकदिन मरण हो
पल पल अनमोल है जीवन मे
चलो पहला पग सफलता का चरण होगा।

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Vindhya Prakash Mishra
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