श्रीराम…..

तेजवीर सिंह

रचनाकार- तेजवीर सिंह "तेज"

विधा- कुण्डलिया

🙏 श्रीराम गुणगान 🙏

राम नाम सुंदर सरस,मेटत है जग ताप।
श्रीहरी विष्णु रूप कौ,पावन पुण्य प्रताप।
पावन पुण्य प्रताप,भरत-सी राखौ प्रीती।
सब विधि हो कल्याण,निभाते रघुपति रीती।
अनुपम भरत-मिलाप,जीव जो जापहि निष्काम।
मिलै चरण कौ 'तेज',सदा रक्षक हों श्रीराम।

🙏🌺🌻🌹🌻🌺🌻🌹🌻🙏

Views 2
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
तेजवीर सिंह
Posts 74
Total Views 857
नाम - तेजवीर सिंह उपनाम - 'तेज' पिता - श्री सुखपाल सिंह माता - श्रीमती शारदा देवी शिक्षा - एम.ए.(द्वय) बी.एड. रूचि - पठन-पाठन एवम् लेखन निवास - 'जाट हाउस' कुसुम सरोवर पो. राधाकुण्ड जिला-मथुरा(उ.प्र.) सम्प्राप्ति - ब्रजभाषा साहित्य लेखन,पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन तथा जीविकोपार्जन हेतु अध्यापन कार्य।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia