श्रीराधे की ड्यौढ़ी…..

तेजवीर सिंह

रचनाकार- तेजवीर सिंह "तेज"

विधा- अन्य

🙏👏 जय जय श्रीराधे 👏🙏
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐

कछु नेह आपकौ अद्भुत है,
कछु किरपा है महारानी की।
कछु सद्जन कौ सत्संग मिल्यौ,
कछु महर यमुन के पानी की।
कछु भाव उजागर हैं मन के,
कछु मस्ती मधुर रवानी की।
कछु 'तेज' चले तौ जाय पहुंचे,
हम ड्यौढ़ी राधारानी की।

💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
🙏तेज, मथुरा✍

Sponsored
Views 6
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
तेजवीर सिंह
Posts 90
Total Views 1.4k
नाम - तेजवीर सिंह उपनाम - 'तेज' पिता - श्री सुखपाल सिंह माता - श्रीमती शारदा देवी शिक्षा - एम.ए.(द्वय) बी.एड. रूचि - पठन-पाठन एवम् लेखन निवास - 'जाट हाउस' कुसुम सरोवर पो. राधाकुण्ड जिला-मथुरा(उ.प्र.) सम्प्राप्ति - ब्रजभाषा साहित्य लेखन,पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन तथा जीविकोपार्जन हेतु अध्यापन कार्य।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia