शेर

Dr ShivAditya Sharma

रचनाकार- Dr ShivAditya Sharma

विधा- शेर

।।फर्जी दुनिया।।
बनते हैं शहंशाह, कहते हैं हम किसी से कम नहीं
शेर हैं सब कागज़ के जनाब, है किसी में दम नहीं।

।।दिलबर।।
दिलबर मिले ना दिलवाले
दिलकश दिखने में अंदर से दिल काले

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Dr ShivAditya Sharma
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Consultant Endodontist. Doctor by profession, Writer by choice. बाकी तो खुद भी अपने बारे में ज्यादा नहीं जानता, रोज़ जिन्दगी जैसी चोट करती है वैसा ही ढल जाता हूँ।

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