शुभ गणेशोत्सव

Sumita R Mundhra

रचनाकार- Sumita R Mundhra

विधा- कविता

शुभ गणेशोत्सव
जय-जय-जय गणपति गणराज,
पूर्ण करो भक्तों के सब काज।
गणेशोत्सव का करने आगाज़,
उमड़ रहें हैं भक्त सब आज।।
शिव-पार्वती के हो अभिमान,
मेरी भक्ति का रखना मान ।
पूजा-अर्चन का नहीं है ज्ञान,
कर दो तुम मेरा कल्याण ।।
रिद्धि-सिद्धि संग आप पधार,
मेरे बिगड़े सब काज संवार।
मूषक पर होकर असवार ,
"सुमिता"का जीवन दो तार।।

– सौ.सुमिता राजकुमार मूंधड़ा
– Sumita R Mundhra
sumitamundhra@gmail.com
(7798955888)

Sponsored
Views 73
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Sumita R Mundhra
Posts 11
Total Views 4.5k
मैं बड़ी लेखिका-कवियत्री नहीं हूँ । बचपन से ही शौक से लिखती हूँ । लंबे अंतराल के बाद हमसफ़र राज और पुत्र रिषभ के प्रेरित करने पर मेरी कलम फिर से शब्दों को पिरोने लगी है । मैं अपनी रचना "माँ की सीख-बेटी की टीस" अपने मम्मी-पापा को समर्पित करती हूं । विभिन्न पत्रिकाओं में लेख और कवितायें प्रकाशित होते हैं। - सौ. सुमिता राजकुमार मूंधड़ा । sumitamundhra@gmail.com "मेरी कलम से - मेरी कवितायें"

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia