शुभकामना

डॉ तेज स्वरूप भारद्वाज

रचनाकार- डॉ तेज स्वरूप भारद्वाज

विधा- कविता

अबकीबार मनायें ऐसी होली ,
ठग न जाए कहीं जनता भोली ।
भगवा रंग चढायें ऐसा ,
भर जाए हर गरीब की झोली ।।।।अबकीबार….
खिले कमलवत् सबका चेहरा ,
चढे रंग तन-मन पर गहरा ।
प्रेम के रंग में ऐसे रंग लें ,
हो जाये सब अंग सुनहरा ।।
खूब करें हम हँसी – ठिटोली ।। अबकीबार……
कलह द्वेष को दूर भगा दें ,
जन – जन में हम प्रेम जगा दें ।
सन्देश दें हम विश्व – शान्ति का ,
मानव – हित -की मुहिम चला दें ।।
पा जायें सब निधि अनमोली ।। अबकीबार…
*#प्रेम , उमंग , उल्लास एवं रंगों के पर्व होली की सभी को हार्दिक बधाईयाँ।
डाँ तेज स्वरूप भारद्वाज

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डॉ तेज स्वरूप भारद्वाज
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Assistant professor -:Shanti Niketan (B.Ed.,M.Ed.,BTC) College ,Tehra,Agra मैं बिशेषकर हास्य , व्यंग्य ,हास्य-व्यंग्य,आध्यात्म ,समसामयिक चुनौती भरी समस्याओं आदि पर कवितायें , गीत , गजल, दोहे लघु -कथा , कहानियाँ आदि लिखता हूँ ।

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