शिव आरती

maheshjain jyoti

रचनाकार- maheshjain jyoti

विधा- गीत

सावन के अंतिम सोमवार को , बाबा भोलेनाथ के भक्तों को सादर समर्पित…..!
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* शिव आरती *
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बम भोले भंडारी , बाबा भोले भंडारी ।
सत्यम्-शिवम्-सुंदरम् बाबा त्रिपुरारी ।। बम…
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तुम हो नाथ सदाशिव स्वामी ओंकारा ।
गिरि कैलाश विराजत बहै गंग धारा ।। बम…
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नागन की गलमाला मुण्डमाल धारी ।
भाल मयंक सुहानौ छवि लागै प्यारी ।। बम…
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भक्तन के हितकारी बाबा महादेवा ।
पल में काज सँवारौ देवन के देवा ।। बम…
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माँ गिरिजा के स्वामी नंदी असवारी ।
गोदी गणपति खेलत भर-भर किलकारी ।।बम…
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शिवशंकर प्रलयंकर ताण्डव नृत्य करौ ।
नेत्र तीसरा खोलौ पल में प्रलय करौ ।।बम…
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तन भसमी शमशानी विजया के रसिया ।
डम-डम डमरू बाजै मंत्रन के रचिया ।।बम…
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कार्तिकेय भैरव कै तुम पितु हो बाबा ।

महावीरा तुम अंशा जय भोले बाबा ।।बम…
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कृपा करौ करुणामय शरणागत तेरे ।
नीलकंठ नटराजा कष्ट हैरौ मेरे ।।बम…
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बीच भँवर में नैया बाबा पार करौ।
तुम ही एक खिवैया आ उद्धार करौ ।। बम…
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'ज्योति' प्रेम से जो जन यह आरती गावैं ।
मुक्ति मिलै माया ते शिव धामहि पावैं ।।बम…
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-महेश जैन 'ज्योति',
मथुरा ।
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maheshjain jyoti
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"जीवन जैसे ज्योति जले " के भाव को मन में बसाये एक बंजारा सा हूँ जो सत्य की खोज में चला जा रहा है अपने लक्ष्य की ओर , गीत गाते हुए, कविता कहते और छंद की उपासना करते हुए । कविता मेरा जीवन है, गीत मेरी साँसें और छंद मेरी आत्मा । -'ज्योति'

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