शायरी–

Mahender Singh

रचनाकार- Mahender Singh

विधा- शेर

शेर-शायरी:-
जीवन-नृत्य,आभास और लेखन,

गर जिंदगी तुझे ..मुझसे प्यार नहीं,
तो देखकर मुस्करा ..क्यों देती हो,

हर पल जीना सिखाती हो,
इतना ऐतबार मुझ पर क्यों करती हो,

झंझटों में पली-बढ़ी है जिंदगी,
जाने कैसे ? उभार देती हो,

मिल जाते है इशारे हर बुरे वक्त में,
परख सक्षमता की परख के खातिर,

भूला दे बुरे स्वप्न जो तूने देखे है,
वो मेरा अंत है जिसे मौत कहते है,

सजी है सजावट महेंद्र उसी कलम से,
जिस लेखन में अक्सर लोग …..
फेल हो जाते है,

Sponsored
Views 12
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Mahender Singh
Posts 70
Total Views 1.6k
पेशे से चिकित्सक,B.A.M.S(आयुर्वेदाचार्य)

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia