शायरी

Radhe Tomar

रचनाकार- Radhe Tomar

विधा- अन्य

तेरे लव से निकलती हर जुबां को में समझता हूँ
तेरे खामोस होने की वजह भी में समझता हूँ
क्यों यारा तुम नहीं समझी मेरे दिल की तमन्ना को
तुम्हे मैं जान अपनी जान से ज्यादा समझता हूँ
तेरी यादे को बातें जहन में मैं सजोये हूँ
भले खामोस हूँ लेकिन निगाहों में बसाये हूँ
कोई कुछ भी कहे यारा मुझे कोई फ़िकर है न
तुम्हे मैं जान कान्हा का मुखड़ा समझता हूँ

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Radhe Tomar
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ऋषभ तोमर पी .जी.कॉलेज अम्बाह मुरैना बी.एससी.चतुर्थ सेमेस्टर(गणित)
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