शायरी

अजीत कुमार तलवार

रचनाकार- अजीत कुमार तलवार "करूणाकर"

विधा- शेर

मोहोब्बत करने वालों को लोग
अब लैला और मजनू का नाम नहीं देते
अब वो प्यार ही कहाँ मिलता है जमाने में
जहाँ काम , वासना, विलासता ने है जगह ले ली

तनहा दिल को तन्हाई भी
रास नहीं आती है दोस्तों
वो तो साथ रहने है, उस को
जिन्दगी चलाने के लिए हर पल
अजीत

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 8
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
अजीत कुमार तलवार
Posts 415
Total Views 4.9k
शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, पूर्वज : अमृतसर से है, और वर्तमान में मेरठ से हूँ, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है , EMAIL : talwarajit3@gmail.com, talwarajeet19620302@gmail.com. Whatsapp and Contact Number ::: 7599235906

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia