शायरी

अजीत कुमार तलवार

रचनाकार- अजीत कुमार तलवार "करूणाकर"

विधा- शेर

अपना दिल काबू में हो बस चाहे बेवफा रोज मिले
लिखा है, हमारे इक दोस्त ने न जाने क्या सोच के
भाई मेरे वतन साहब है यह दिल रखना जरा संभाल के
ज्यादा बेवफा करने वालों से बचा के रखना सोच के !!
अजीत

अपने अश्कों को यूं बर्बाद न कर
आँखों को शिकायत हो जाएगी
रोने के लिए वो दिन छोड़ दे साकी
जिस दिन मेरी लाश तेरे घर के आगे से जाएगी !!

अजीत

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अजीत कुमार तलवार
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शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, पूर्वज : अमृतसर से है, और वर्तमान में मेरठ से हूँ, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है , EMAIL : talwarajit3@gmail.com, talwarajeet19620302@gmail.com. Whatsapp and Contact Number ::: 7599235906
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