शायरी अंदाज़……….

Radhey shyam Pritam

रचनाकार- Radhey shyam Pritam

विधा- शेर

तुम्हारी हँसी दर्द में भी हँसा जाती है।
जैसे कली फूल बन सुगंध बिखराती है।
मेरे तस्व्वुर में अपनी जिंदगी भर दीजिए,
ऐसे में मुझे शबनम मोती नजर आती है।
….💝💝💝
तेरे स्वागत में मैं अरमान सजाए बैठा हूँ।
इन आँखों को मैं मेजबान बनाए बैठा हूँ।
आकर तुम दिल के मेहमान हो जाओगे,
इस सब्र में मोहब्बते-दीप जलाए बैठा हूँ।
….💝💝💝
फूल खिलने से पहले कलियाँ मुस्कराती हैं।
दिल मिलने से पहले धडकनें बढ जाती हैं।
खिलने-मिलने का अहसास नाजुक है"प्रीतम",
इस अहसास को पाने में मुद्दतें लग जाती हैं।
….💝💝💝
प्यार किया हमने तुमसे जिंदगी की तरह।
खिलाया है दिले-चमन में फूलों की तरह।
जिंदगी के आसमान में तुम छाकर"प्रीतम",
दिले-भूमि पर बरस जाओ बादल की तरह।
….💝💝💝
चाँदनी रात-सी अदाओं ने कायल किया मुझे।
तुम्हारी तिरझी निगाहों ने घायल किया मुझे।
तुझे देखकर मैं खुद को भूल गया "प्रीतम",
रेशमी जुल्फों के सायों ने आयल किया मुझे।
….💝💝💝
◆◆◆◆◆◆◆राधेयश्याम बंगालिया "प्रीतम"

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Radhey shyam Pritam
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