शादी के बाद (व्यंग्य)

ramprasad lilhare

रचनाकार- ramprasad lilhare

विधा- कविता

" शादी के बाद "
सजेगा मंडप, बजेगा बाजा
निकलेगी……… बारात
यही सोच सोचकर मुझको
नींद न आयी सारी रात!

नींद न आयी सारी रात
कि हो गया मै बेचैन
कहते हैं शादी के बाद
उड़ जाते अमन औ, चैन

उड़ जाये अमन औ, चैन
कि व्यक्ति नहीं रहता आजाद
कहते हैं शादी के बाद
जीवन हो जाता बरबाद!

जीवन हो जाता बरबाद
कि कभी सकुं नहीं आता है
कहते हैं शादी के बाद
जीवन दोज़ख बन जाता है!

जीवन दोज़ख बन जाता है
कि मन भी कही नहीं भाता है
कहते है शादी के बाद
व्यक्ति जीवन भर पछताता है!

रामप्रसाद लिल्हारे
"मीना "

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ramprasad lilhare
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रामप्रसाद लिल्हारे "मीना "चिखला तहसील किरनापुर जिला बालाघाट म.प्र। हास्य व्यंग्य कवि पसंदीदा छंद -दोहा, कुण्डलियाँ सभी प्रकार की कविता, शेर, हास्य व्यंग्य लिखना पसंद वर्तमान में शास उच्च माध्यमिक विद्यालय माटे किरनापुर में शिक्षक के पद पर कार्यरत। शिक्षा एम. ए हिन्दी साहित्य नेट उत्तीर्ण हिन्दी साहित्य। डी. एड। जन्म तिथि 21-04 -1985 मेरी दो कविता "आवाज़ "और "जनाबेआली " पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है।

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