शराब ,साकी और गम

रवि रंजन गोस्वामी

रचनाकार- रवि रंजन गोस्वामी

विधा- शेर

साकी था खूबसूरत ।

शराब भी कमाल थी ।

और बहाने मुश्किल थे ,

खुशी से जहर पी लिया हमने ।

डुबोना चाहा था जाम में

गम -ए -बेवफाई

किस्मत को क्या कहें ?

खुद डूब गए हम । ………रवि

Views 42
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
2 comments