शराफत जिंदगी में अब कहां है

संजय सिंह

रचनाकार- संजय सिंह "सलिल"

विधा- कविता

दूध मे मिलता है पानी, स्कूल में अध्यापक की मनमानीl
रोज ही होते घोटाले, खबर अखबारों में आनी जानीll
चोर पुलिस सब खेल रहे हैं, जनता के अधिकारों से l
रक्षक ही भक्षक बन बैठा, शराफत जिंदगी में अब कहां हैll

डॉक्टर साहब घर पर मिलते, अस्पताल सरकारी हैl
सारे ही हैं केस रिफर के, सारी ला इलाज बीमारी है ll
किससे किसकी करो शिकायत, कौन यहां ईमानदार है l
सबकी सेट यहां कमीशन, शराफत जिंदगी में अब कहां हैll

लहंगा चोली बात दूर की , तन से गायब सारी हैl
यू कम कपड़ों में टहल रही, वह भी भारत की नारी हैll
बेटी बहू तक तो भी गनीमत ,दादी-नानी टी शर्ट जींस मेंl
ममता का आंचल ही गायब ,शराफत जिंदगी में अब कहां हैll

संजय सिंह "सलिल"
प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश l

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संजय सिंह
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मैं ,स्थान प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश मे, सिविल इंजीनियर हूं, लिखना मेरा शौक है l गजल,दोहा,सोरठा, कुंडलिया, कविता, मुक्तक इत्यादि विधा मे रचनाएं लिख रहा हूं l सितंबर 2016 से सोशल मीडिया पर हूं I मंच पर काव्य पाठ तथा मंच संचालन का शौक है l email-- sanjay6966@gmail.com, whatsapp +917800366532

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