शरद पूर्णिमा की धवल,स्वच्छ चाँदनी रात

RAMESH SHARMA

रचनाकार- RAMESH SHARMA

विधा- दोहे

शरद पूर्णिमा की धवल,स्वच्छ चाँदनी रात !
फिर बरसायेगी अमी,कर झरझर बरसात !!

शरद पूर्णिमा दे रही, हमें यही सन्देश !
आने को है शीत अब, तत्पर रहो रमेश !!

शरद पूर्णिमा रात्रि का,छाया है उल्लास !
खेले राधा कृष्ण सँग, आज डांडिया रास !!
रमेश शर्मा

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अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा

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