शरण में आया तेरी राम जी

मदन मोहन सक्सेना

रचनाकार- मदन मोहन सक्सेना

विधा- कविता

शरण में आया तेरी राम जी

संग मेरे घूमते थे, संग मेरे खाते
करते थे, मुझसे वे बड़ी बड़ी बातें
दुर्दिन में मेरे वो ,आये नहीं काम जी
अब तो शरण में ,मैं आया तेरी राम जी

यार दोस्त देखे मैनें, देखे मैनें नाते
परे मेरे जाती हैं ,दुनिया की बातें
बचपन ,जबानी बीती , आयी अब शाम जी
अब तो शरण में ,मैं आया तेरी राम जी

शरण में आया तेरी राम जी
मदन मोहन सक्सेना

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मदन मोहन सक्सेना
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मदन मोहन सक्सेना पिता का नाम: श्री अम्बिका प्रसाद सक्सेना संपादन :1. भारतीय सांस्कृतिक समाज पत्रिका २. परमाणु पुष्प , प्रकाशित पुस्तक:१. शब्द सम्बाद (साझा काब्य संकलन)२. कबिता अनबरत 3. मेरी प्रचलित गज़लें 4. मेरी इक्याबन गजलें मेरा फेसबुक पेज : ( 1980 + लाइक्स) https://www.facebook.com/MadanMohanSa

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