*शब्द सुरभी* ग़ज़ल एक ÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷ लला ला लला ला ,…

मधुसूदन गौतम

रचनाकार- मधुसूदन गौतम

विधा- गज़ल/गीतिका

*शब्द सुरभी*

ग़ज़ल एक
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लला ला लला ला , ललाला ललाला
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खिले फूल मस्ती के अंगना तुम्हारे
सदा आपके लब बहुत मुस्कुराये।1
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तुम्हे जिंदगी मेँ मिले ढेर खुशियाँ
कभी भी न कोई.तुम्हे गम सताये।2
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मिले थे हमे जब सुनो प्यारे भैया।
लगा था हमे भी नही तुम पराये।3
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रहे संग हम पर सदा छाव बनकर
नही ताकि हम पर कभी धूप आये।4
÷
बहुत कुछ सिखाया बहुत कुछ बताया,
हमे आपने गुर बहुत ही सिखाये ।5
÷
रहेंगे हमे याद लम्हे वो सारे ,
लम्हे जो साथ हमने बिताये।6

तमन्ना जो' लेकर, कभी हम मिले तो ।
कभी हाथ खाली, न लेकर के आये।7

जुदा हो रहे हो, जी' जाकर यहां से,
दुआ आप हमसे , जुदा हो न पाये। 8

नही पास कुछ भी, करें भेंट क्या जी,
यही एक दिल है ,जिसे आप पाये। 9

हुई हो खतायें ,अगर जो कभी तो
उन्हें 'मधु'भुला दे , न ले साथ जाए।10

***मधु सूदन गौतम

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मधुसूदन गौतम
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मै कविता गीत कहानी मुक्तक आदि लिखता हूँ। पर मुझे सेटल्ड नियमो से अलग हटकर जाने की आदत है। वर्तमान में राजस्थान सरकार के आधीन संचालित विद्यालय में व्याख्याता पद पर कार्यरत हूँ।

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