” ——————————————————— वक़्त के खजाने से ” !!

Bhagwati prasad Vyas

रचनाकार- Bhagwati prasad Vyas " neerad "

विधा- गज़ल/गीतिका

ख़्वाब कई बुन डाले , खुशियों के मुस्काने से !
कुछ तो केश हो ही गये , वक़्त के खजाने से !!

रिश्ते तो बने बिगड़े , एक ही धरातल पर !
स्वार्थ खूब फूला फला , प्यार के बहाने से !!

नेह का निमंत्रण नहीं , अश्लीलता हवाओं में !
हो सुरभित यहां कलियां , खुशबू के ठिकाने पे !!

मस्ज़िद में अजाने हैं , औ घंटियां बजे मंदिर !
मन की खाई कैसे पटे , अब धर्म के मुहाने पे !!

बूढ़े माँ बापू यहां , अजनबी से लगने लगे !
घरवाली लगे प्यारी , रिश्तों के निभाने में !!

नेताओं का जमघट है , देशभक्त मिलते नहीं !
है जनता बनी मोहरा , बस कुर्सी हथियाने में !!

Views 376
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Bhagwati prasad Vyas
Posts 83
Total Views 23.9k
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन ! एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद साझा काव्य संग्रह प्रकाशित ! e काव्यसंग्रह "कहीं धूप कहीं छाँव" एवं "दस्तक समय की " प्रकाशित !

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia