“वीर शपथ तुम आज लो” देशभक्ति गीत

Dr.rajni Agrawal

रचनाकार- Dr.rajni Agrawal

विधा- गीत

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी
*देश प्रेम गीत* 🌷वीर शपथ तुम आज लो🌷
********************* छंद मुक्त रचना तर्ज–फूल तुम्हें भेजा है ख़त में.. ************* वीर शपथ तुम आज लो, माँ का मान बढ़ाएँगे, भारत वीरों की जननी है, समता भाव जगाएँगे। आतंकी हमलावर छाए, इनको मार भगाएँगे, मातृभूमि की शान बनें हम ,गौरव इसका गाएँगे।।
दुश्मन से ये घिरी है जननी, भारती करे चीत्कार रे, जागो रे वीर जवानों जागो,माँ की सुनलो पुकार रे, जाति-पाति का भेद भुलाके ,राष्ट्रप्रेम हित ध्यान रखें, माँ की बलिवेदी पे चढ़के अपना शीश नवाएँगे। भारत वीरों की जननी है,समता भाव जगाएँगे, आतंकी हमलावर छाए, इनको मार भगाएँगे, मातृभूमि की शान बनें हम, गौरव इसका गाएँगे, वीर शपथ तुम आज लो, माँ का मान बढ़ाएँगे ।
आतंकी की गोली झेले,सहमा सा कश्मीर रे, वीरों की जननी भारत है,बढ़ो प्रताप से वीर रे, लहू शहीद का तुम्हें पुकारे,सब मिल आगे आओ रे, माँ की बलिवेदी पे चढ़के ,अपना शीश नवाएँगे। भारत वीरों की जननी है, समता भाव जगाएँगे, आतंकी हमलावर छाए,इनको मार भगाएँगे, मातृभूमि की शान बनें हम,गौरव इसका गाएँगे वीर शपथ तुम आज लो, माँ का मान बढ़ाएँगे, भारत वीरों की जननी है, समता भाव जगाएँगे।
डॉ. रजनी अग्रवाल"वाग्देवी रत्ना"
संपादिका-साहित्य धरोहर
महमूरगंज, वाराणसी, (उ. प्र.)

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Dr.rajni Agrawal
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 अध्यापन कार्यरत, आकाशवाणी व दूरदर्शन की अप्रूव्ड स्क्रिप्ट राइटर , निर्देशिका, अभिनेत्री,कवयित्री, संपादिका समाज -सेविका। उपलब्धियाँ- राज्य स्तर पर ओम शिव पुरी द्वारा सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार, काव्य- मंच पर "ज्ञान भास्कार" सम्मान, "काव्य -रत्न" सम्मान", "काव्य मार्तंड" सम्मान, "पंच रत्न" सम्मान, "कोहिनूर "सम्मान, "मणि" सम्मान  "काव्य- कमल" सम्मान, "रसिक"सम्मान, "ज्ञान- चंद्रिका" सम्मान ,

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