विश्वास की गली में ये ज़िन्दगी पली है

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गीत

विश्वास की गली में
ये ज़िन्दगी पली है
देती है दर्द अक्सर
लगती मगर भली है

होती शुरू किरण से
हर भोर की कहानी
आती है चाँदनी से
हर रात पे जवानी
यह साथ साथ इनके
चुपचाप ही चली है

है आज गम जहाँ पर
कल थी ख़ुशी वहाँ पर
यह छीन भी तो लेती
देती अगर यहाँ पर
है खार तो कहीं ये
खिलती हुई कली है

होती है ज़िन्दगी तो
बस प्यार की अमानत
चुन फूल नफरतों के
करना सदा इबादत
बरबाद तब हुई ये
नफरत में जब जली है

डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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6 comments
  1. डा अर्चना गुप्ता जी ! आपकी ” विश्वास की गली में ये जिंदगी पली है… एक उत्तम रचना है , हारदिक बधाई ।
    —- जितेंद्रकमलआनंद