विलाप

Kokila Agarwal

रचनाकार- Kokila Agarwal

विधा- कविता

विलाप
ये कैसा विलाप
मद्धम स्वर की चीत्कारें
अंतरिक्ष में खोई नज़र का
रूदन
अंतहीन
एक औरत की मृत्यु का
एक मां की मृत्यु का
स्वयं पर करूणा का
भयावह समारोह
कहीं शापित न हो जाये
समय
सम्भल–।

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Kokila Agarwal
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House wife, M. A , B. Ed., Fond of Reading & Writing

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