विधा बुढ़ापा

Sajoo Chaturvedi

रचनाकार- Sajoo Chaturvedi

विधा- कविता

बुढ़ापा
जापान में माता पिता का बुढ़ापा।
अकेले मे रोबोट से खेलता बुढापा।।
अपनत्व का एहसास दिलाता बुढ़ापा।
जवानी से बढ़ापे की ओर जाता बुढ़ापा।।
खाना पानी दवाई रोबोट से लेता बुढ़ापा।
जनसंख्या निम्नदर सरकार ने लिया फैसला।।

चीन ने वृद्धो के लिये उठाया सक्त कदम ।
माता पिता को बच्चे नहीं करते नजर अंदाज।।
सारी सुख सुविधाओं से कर देते वंचित।
नर्सिगहोम में माता पिता का नाम है दर्ज।।
मिलने न जायें तो जाती है पास खबर।
बच्चे रखते उनके दुख सुख का ध्यान।।

भारत में मुंबई जो हुआ वो है शर्मसार,
नन्हे हाथों को पकड़ चलना जिसे सीखया ।।
किया उसने फोन पे फोन माँ थी लाचार,
अमेरिका था बेटा पर मिलने न आया ।।
मिलने आया दरवाजा खटखटाया मिला उपहार,
इंतजार करती मृतक माँ पड़ी बिस्तर पर कंकाल ।।
'वृद्धाश्रम खोल खोल सभ्यता करते है जर्जर,
माता पिता का करें सम्मान न करें नजर अंदाज।।
मातृपितृ च देवो भव पूजते का सम्मान करे सब,
भारत सरकार को उठाने होगें सक्त से सक्त कदम।।
"और देशों जैसी स्थित भारत जैसे देश नदेखनी पड़े"
सज्जो चतुर्वेदी******************शाहजहाँपुर***9/8/17

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