वादा यदि हो न निभाना तो खबर कर देना

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

वादा यदि हो न निभाना तो खबर कर देना
जो कभी अपना हो माना तो खबर कर देना

मत समझना कभी तुम दूर हमें अपने से
जब पड़े गम भी उठाना तो खबर कर देना

ढूंढता ही रहा दिल अपना यहाँ तो हर पल
गर मिले तुमको ठिकाना तो खबर कर देना

हम तुम्हारे लिए उसको भी चुरा लाएंगे
जीना लम्हा हो पुराना तो खबर कर देना

मीत तो तुमने बनाये यहाँ लाखों होंगे
चाहो जो हम सा दिवाना तो खबर कर देना

'अर्चना' मिलने की है आरजू दिल की तुमसे
मिल कोई जाये बहाना तो खबर कर देना
डॉ अर्चना गुप्ता

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Dr Archana Gupta
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Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

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4 comments
  1. ” अर्चना” मिलने की जो आरजू हो … ”
    बहुत उम्दा इस ग़ज़ल के लिए आपको हार्दिक बधाई ।

    —- जितेंद्र कमल आनंद

  2. डॉ. अर्चना जी ग़ज़ल का रदीफ़ ख़बर देना… बहुत ख़ूबसूरत है । अच्छी ग़ज़ल ।