वह सु रचना देश का सम्मान है | छिपी हो जिसमें सजग संवेदना|

बृजेश कुमार नायक

रचनाकार- बृजेश कुमार नायक

विधा- मुक्तक

राष्ट्रहित गह दिव्यता,दे चेतना |
छाँट दे जो सहज में जन-वेदना |
वह सु रचना देश का सम्मान है |
छिपी हो जिसमें सजग संवेदना |

रचनाकार-बृजेश कुमार नायक
"जागा हिंदुस्तान चाहिए"एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" कृतियों के प्रणेता

1 मई 2017
"जागा हिंदुस्तान चाहिए" कृति का मुक्तक

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बृजेश कुमार नायक
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एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा जन्मतिथि-08-05-1961 प्रकाशित कृतियाँ-"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" साक्षात्कार,युद्धरतआमआदमी सहित देश की कई प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेक सम्मानों एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित, जन्म स्थान-कैथेरी,जालौन निवास-सुभाष नगर, कोंच,जालौन,उ.प्र.-285205 मो-9455423376व्हाट्सआप-9956928367 एवं8787045243

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