वस यही कहानी है

कृष्णकांत गुर्जर

रचनाकार- कृष्णकांत गुर्जर

विधा- गज़ल/गीतिका

तुझमे मे मुझमे तू वस यही कहानी है
तू ही तो जान है मेरी तू ही तो जिंदगानी है
मै जिससे प्यार करता हूँ तू बहना वो प्यारी है
तू अपने भाई माँबापू बहन की नयनतारी है
मेरी ये जिंदगी सारी तेरी ही जिंदगानी है
तुझमे मै मुझमे तू बस यही कहानी है
तेरे जीवन मे यूँ खुशियाँ निराली है
तू ही तो यार मेरी ,तू ही तो प्राणप्यारी है
ये रिस्ते नातो की तू ही तो डोर प्यारी है
तुझमे मे मुझमे तू बस यही कहानी

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कृष्णकांत गुर्जर
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संप्रति - शिक्षक संचालक G.v.n.school dungriya G.v.n.school Detpone मुकाम-धनोरा487661 तह़- गाडरवारा जिला-नरसिहपुर (म.प्र.) मो.7805060303

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