वक्त

Sonika Mishra

रचनाकार- Sonika Mishra

विधा- शेर

वक्त जो गुज़र गया
उसको तलाशते रहे
किसी की याद में
वो आज भी आंसू बहाते रहे
दो पल के लिए भी
कोई रुक न सका
वो उम्र भर उनको
दिल में सजाते रहे
छोड़कर दामन ख़ुशी का
चल रहे है वो
आज भी उनके इंतज़ार में
जी रहे है वो

– सोनिका मिश्रा

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Sonika Mishra
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मेरे शब्द एक प्रहार हैं, न कोई जीत न कोई हार हैं | डूब गए तो सागर है, तैर लिया तो इतिहास हैं ||

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