वंदना माँ शारदा की

बसंत कुमार शर्मा

रचनाकार- बसंत कुमार शर्मा

विधा- गज़ल/गीतिका

तुम ज्ञान का भंडार माँ, वरदान ऐसा दो हमें
हर पल चलें सद् मार्ग पर,सद्ज्ञान ऐसा दो हमें

चलते रहें संसार में, अटके बिना भटके बिना
सेवा करें इस देश की, सम्मान ऐसा दो हमें

पावन सरल दो मन हमें, पूजा करे जो प्रेम की
अपना सभी को ले बना, दिल दान ऐसा दो हमें

शिक्षा मिले सदभाव की, हर धर्म का सम्मान हो
मानव जहाँ मानव बने, संस्थान ऐसा दो हमें

प्राणी सभी मिलकर रहें, हो भावना कल्याण की
आये सभी के काम जो, धन-धान ऐसा दो हमें

मन में भरा उल्लास हो, पूरे सभी अभियान हों
जीवन सजे सबका यहाँ, अरमान ऐसा दो हमें

संसार में हरदम रहे, बस नाम ऊँचा देश का
अवसर मिले हर हाथ को, विज्ञान ऐसा दो हमें

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बसंत कुमार शर्मा
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भारतीय रेल यातायात सेवा (IRTS) में , जबलपुर, पश्चिम मध्य रेल पर उप मुख्य परिचालन प्रबंधक के पद पर कार्यरत, गीत, गजल/गीतिका, दोहे, लघुकथा एवं व्यंग्य लेखन

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