लो मिलन की रात आई

Ananya Shree

रचनाकार- Ananya Shree

विधा- कविता

🌺मनोरम छंद🌺

लो मिलन की रात आई!
प्रेम की बरसात लाई!
भीगतें हैँ तन हमारे!
साजना तुमको पुकारें!

चाँदनी छुपने लगी है!
सेज भी सजने लगी है!
बोल दो दो बोल प्यारे!
मूँद लूँ मैं नैन कारे!

हूँ अधूरी बिन तुम्हारे!
बाँसुरी सा तन पुकारे!
थरथराते लव कहेंगें!
अब जुदाई क्यूँ सहेंगें!

🌺"श्री"🌺

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Ananya Shree
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प्रधान सम्पादिका "नारी तू कल्याणी हिंदी राष्ट्रीय मासिक पत्रिका"

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