लाडले देवर की प्यारी भाभी

Top 30 Post

कृष्ण मलिक अम्बाला

रचनाकार- कृष्ण मलिक अम्बाला

विधा- कविता

*आनंद रस में गोता लगाकर पूरी मस्ती में ताज़ी तैयार कविता का आनंद ले*

*लाडले देवर की प्यारी भाभी *

देवर नन्द को जो रखती राजी
ऐसी है मेरी सबसे प्यारी भाभी
सुबह से जो भाई में भरती चाबी
ऊर्जा की ऐसी उमंग है भाभी
सास को हरपल कहे जो माँ जी
ऐसी चुस्त फुर्तीली है मेरी भाभी
खाकर खाना, सभी कहें वाह जी
ऐसी आई प्रशिक्षित , माईके से मेरी भाभी
मेरी हर बात पर कहे जो हांजी
ऐसी है घर की लाड़ली मेरी भाभी
शुभ मुहूर्त में करके भईया से शादी
आई मेरे घर बहुत प्यारी भाभी

एक काल्पनिक देवर की काल्पनिक भाभी कोई भी अपनी भाभी को सम्बोधित कर सकता है ।
*आपको आनंदित करने के प्रयास में आपका ©केे एस मलिक* 30.05.2016

Sponsored
Views 5,100
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
कृष्ण मलिक अम्बाला
Posts 41
Total Views 12.1k
कृष्ण मलिक अम्बाला हरियाणा एवं कवि एवं शायर एवं भावी लेखक आनंदित एवं जागृत करने में प्रयासरत | 14 वर्ष की उम्र से ही लेखन का कार्य शुरू कर दिया | बचपन में हिंदी की अध्यापिका के ये कहने पर कि तुम भी कवि बन सकते हो , कविताओं के मैदान में कूद गये | अब तक आनन्द रस एवं जन जागृति की लगभग 200 रचनाएँ रच डाली हैं | पेशे से अध्यापक एवं ऑटोमोबाइल इंजिनियर हैं |

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
One comment