“लाडली बिटिया “

pratik jangid

रचनाकार- pratik jangid

विधा- कविता

हर कदम पर माँ बाप का सहारा बन जाती हे !
हर घर आगन को रोशन का जाती हे
जहाँ में वो लाडली “बिटिया“ कहलाती हे ……..!!
बेटी होने के साथ साथ बेटे का फर्ज़ भी अच्छे से निभाती हे !
माँ का प्यार और पिता की डाट से कुछ न कुछ सिख जाती हे
हर काम में माँ बाप का हाथ बटाती हे !
जहाँ में वो लाडली “बिटिया“ कहलाती हे ……..!!
मीलो दूर होकर भी पास होने का अहसास करा जाती हे !
दिल की हर बात को वो समझ जाती हे !
भाई की गलतियों पर खुद डाट खाती हे !
खुद रोती हे पर सबके सामने गम छुपाती हे !
जहाँ में वो लाडली “बिटिया“ कहलाती हे ……..!!

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