लाचार ओढ़नियाॅ ।

Satyendra kumar Upadhyay

रचनाकार- Satyendra kumar Upadhyay

विधा- कहानी

हाॅ ! बोलो ; टीना जी ! क्या हुआ ? क्यूँ लेट हो गयीं ? वह बस कहीं बच्चों और अपनी घरेलू परेशानियों की दुहाई दे , रोने लगती थी । और समेष को बस दयावश उसे ड्यूटी पर लेना ही पड़ जाता था ! कारण कहीं उसके इंचार्ज का दबाव तो कहीं उसकी यूनियन का दबाव । अतः समेष चाहते हुए भी , बेहद मजबूर था ।
और आज तो उसने सिर्फ इतना ही पूॅछा था कि "क्यों लेट हो गयीं टीना जी ! तो वह बस विफरते हुए बोली कि आप तो बस मेरे ही पीछे पड़े हो ! क्यों ? "
यही सुन समेष यह सोचने लगा था कि डिफेंस के बाद दूसरे नंबर की सरकारी केंद्रीय सेवा का यह बुरा हाल कि यह टीना जो कि खेत के पिछवाड़े से पढ़ाई कर वह भी स्व-दम पर न भर्ती हो बस जमीन कोटे में भर्ती हो ! आज ऑख दिखा रही थी एक अपनी ऑख को बेहद फोड़ने के बाद भर्ती हुए समेष से ।
अतः उसने अपनी कलम उठायी और बस लिखता ही चला गया , चला गया ! इस बेहद बेशर्म ओढ़नी के खिलाफ जिसपर उसके बेशर्म पति का दबाव था इस नौकरी को करने का । जो कि इस जमीन कोटे के इलाके के ट्रेन्ड के अनुसार अपनी पत्नियों को इस देश व ईश्वरीय कानूनों में मिली बढ़त स्वरूप खुद को बचा ! धकेल दिये थे , समेष के पास ।
इस सरकार व केंद्रीय कानूनों की धज्जियाॅ उड़वाने हेतु । और स्वयं बस अपनी सफेद मूॅछे काली किये बन बैठे थे एक केंद्रीय कर्मी के पति वह भी शान से ।
और वहीं टीना थी जो सुदूर से आने के कारण रोज लेट हो जा रही थी और रोज ही समेष से कभी अपनी ओढ़नी को ढक तो कभी उठा ; बस ऑसू बहा ; अपनी ड्यूटी की दुहाई माॅगें जा रही थी ।पर बेचारा समेष , बस ! पिस रहा था ! एक तरफ तो ये ओढ़नी थी और दूसरी तरफ इस ओढ़नी पर ऑसू बहाने वाले । जो कि शायद ही मृत्यु तक कभी अपनी शादीशुदा पत्नी पर ऑसूं बहाएॅ ।
इस देश के नियम व केंद्रीय सेवा नियमों को धता बता ! यही टीना आज सेवानिवृत्त हो चारपाई पर थी और अंतिम क्षणों में बस यही सोच रही थी कि उसने देश के नियमों के साथ गद्दारी की तो किस बिना पर ! प्रायश्चित तो हो रहा था पर ! पूरी सर्विस के बहाने जो कि समेष से मारे थे वह भी महज अपने पति के कारण ।
लेकिन आज यमराज ने उसकी सारी लाचारियों को खत्म कर दिया था ! उसे समेष व उसके पति से छीनकर । अब उसे न कोई रोना आ रहा था और न ही पति की चालाकी भरी मजबूरी ।

Views 6
Sponsored
Author
Satyendra kumar Upadhyay
Posts 12
Total Views 41
short story writer.
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia