लम्हा…

sushil sarna

रचनाकार- sushil sarna

विधा- मुक्तक

लम्हा….

न ज़िस्म रखता हूँ मैं न पर रखता हूँ
…मैं कहाँ कभी दिल में ज़ह्र रखता हूँ
…..एक नन्हा सा लम्हा हूँ वक्त का मग़र
…….मैं सीने में सदियों की ख़बर रखता हूँ

सुशील सरना

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sushil sarna
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I,sushil sarna, resident of Jaipur , I am very simple,emotional,transparent and of-course poetry loving person. Passion of poetry., Hamsafar, Paavni,Akshron ke ot se, Shubhastu are my/joint poetry books.Poetry is my passionrn

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