लघुकथा– अनुत्तरित प्रश्न

ओमप्रकाश क्षत्रिय

रचनाकार- ओमप्रकाश क्षत्रिय "प्रकाश"

विधा- लघु कथा

लघुकथा– अनुत्तरित प्रश्न

टेबल लैंप के सामने पुस्तक रखते हुए पुत्र ने कहा , " पापाजी ! सर कल यह चित्रवाला पाठ पढ़ाएंगे. आप समझा दीजिए."

" लाओ ! यह तो बहुत सरल है. मैं समझा देता हूं."

फिर बारीबारी से चित्र पर हाथ रखते हुए बताया, " यह बीज है . इसे जमीन में बोया जाता है. यह अंकुरित होता है . पौधा बनता है . बड़ा होता है. पेड़ बनता है. इस में फूल आते हैं फिर फल लगते हैं." इस तरह पापा ने पाठ समझा दिया.

पुत्र की जिज्ञासा बढ़ी, "पापाजी ! पेड़ के बीज से पेड़ पैदा होता है ?"

" हां."

" मुर्गी अंडे देती है . उस से मुर्गी के बच्चे निकलते हैं," उसने मासूमसा सवाल पूछा.

" हां."

" तो पापाजी, यह बताइए कि हम कैसे पैदा होते हैं ?"

यह प्रश्न सुन कर पापाजी चकरा गए. कुछ नहीं सुझा . क्या कहूं ? क्या जवाब दूं ? कैसे जवाब दूं ?

बस दिमाग में यह प्रश्न घूम ने लगा, " हम कैसे पैदा होते है ?"

पुत्र के सवाल ने पापाजी को बगलें झाँकने पर विवश कर दिया. पुत्र ने पापाजी को मौन देख कर अपना प्रश्न पुन: दोहराया दिया. पापाजी ने सामने बैठी पत्नी की ओर देखा और आँखों ही आँखों में उस से पूछा, “अब इस को क्या कहूँ?”

पत्नी ने भी कंधे उचका कर उत्तर दिया, “अब मैं क्या कहूँ?"
———————

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 1
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
ओमप्रकाश क्षत्रिय
Posts 10
Total Views 70
पिता- श्री केशवराम क्षत्रिय माता- श्रीमती सुशीलाबाई क्षत्रिय पेशा- सहायक शिक्षक लेखन- मूलत: बालकहानीकार, कविता, लघुकथा, हाइकू , लेख आदि का लेखन. प्रकाशन- 100 से अधिक बालकहानी प्रकाशित. 50 बालकहानियों का 8 भाषा में प्रकाशन. नंदन, चम्पक, लोटपोट, बालहंस, देवपुत्र, समझझरोखा, हंसतीदुनिया, नईदुनिया, सरिता, मुक्ता, सुमनसौरभ, समाजकल्याण, सरससलिल आदि अनेक पत्रपत्रिकाओं में प्रकाशित.

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia